HomeMy Healthपपीता (Papaya) खाने के फायदे व नुकसान

पपीता (Papaya) खाने के फायदे व नुकसान

पपीता एक फल है। इसका औषधीय उपयोग होता है। पपीता स्वादिष्ट तो होता ही है इसके अलावा स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। सहज पाचन योग्य है। पपीता भूख और शक्ति बढाता है। प्लीहा याकृत को रोग मुक्त रखता है और पीलिया जैसे रोगों से मुक्ति देता है। कच्ची अवस्था मे यह हरे रंग का होता है और पकने पर पीले रंग का हो जाता है। इसके कच्चे और पके फल दोनों ही उपयोग में आते हैं।

कच्चे फलों की सब्जी बनती है। इन कारणों से घर के पास लगाने के लिए यह बहुत उत्तम फल है। इसके कच्चे फलों से दूध निकाला जाता है, जिससे पपेन तैयार किया जाता है। पपेन से पाचन संबंधी औषधीयाँ बनाई जाती है। अतः इसके पक्के फल का सेवन उदरविकार मे लाभदायक होता है। पपीता सभी उष्ण समशीतोष्ण जलवायु प्रदेशो में होता हैं। उच्च रक्तचाप पर नियंत्रण रखने के लिए पपीते के पत्ते की सब्जी में प्रयोग करते हैं।

papaya in dish
papaya in dish
  • पपीते मे ए, बी, डी विटामिन और कैल्शियम, लौह, प्रोटीन आदि तत्व विपुल मात्रा में होता है।
  • पपीते से, वीर्य बढता है त्वचा रोग दूर होते हैं।
  • जख्म जल्दी ठीक होते हैं। मूत्रमार्ग की बिमारी दूर होती है।
  • पाचन शक्ति बढती है। खाँसी के साथ रक्त आ रहा हो तो वह रूकता है।
  • मोटापा दूर होता है। कच्चे पपीते की सब्जी खाने से स्मरण शक्ति बढती है।
  • पपीता हमारे स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त है।
kaccha papita photo
कच्चा पपीता खाने के फायदे

कच्चा पपीता खाने के फायदे

पका हुआ पपीता तो आपके सेहत और ब्यूटी से जुडे फायदे देते हैं, लेकिन कच्चा पपीता भी कम नहीं है। कच्चा पपीता भी सेहत से जुड़े कई फायदे देता है जिन्हें जानकर आप हैरान रह जायेंगे।

  • पके पपीते की तरह ही कच्चा पपीता भी पेट के रोगों में बेहद फायदेमंद है। ये गैस पेट दर्द और पाचन की समस्याओं मे फायदेमंद है। और बेहतर पाचन तंत्र के लिए भी उपयोगी हैं।
  • कच्चा पपीता गठिया और जोडो की समस्याओ मे लाभदायक होता है। इसे ग्रीन टी मे उबाल कर बनाई गई चाय का सेवन गठिया को ठीक करने में मदद करता है।
  • कच्चा पपीता आपका वजन कम करने में बेहद मददगार साबित हो सकता है। इसका नियमित सेवन तेजी से फैट बर्न करने में सहायक है जिससे आपका वजन जल्दी कम होता है।
  • डायबिटीज के लिए भी कच्चे पपीते के फायदे कुछ कम नहीं है। यह खून में शुगर की मात्रा को कंट्रोल करने में मदद करता है और आपका डायबिटीज कंट्रोल में रहता है।
  • इसका एक बेहतरीन फायदा ये भी है कि यह यूरिन इंफेक्शन से बचाव और उसे ठीक करने में बेहद फायदेमंद है। इसका नियमित इस्तेमाल आपको कभी ये समस्या होने नहीं देगा।
  • पीलिया हो या फिर लिवर संबंधी अन्य कोई समस्या कच्चे पपीते का सेवन आपको गजब का फायदा पहुंचाता है।
  • विटामिन ई, सी और ए के साथ ही एंटी ऑक्सीडेंट, फीटोन्यूटिएंट्स और इसमें मौजूद अन्य पोषक तत्व, कैंसर से बचाव के साथ ही आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी इजाफा करता है।

पपीता खाने के नुकसान

पपीता खाने के कई फायदे हैं लेकिन पपीता के कुछ दुष्प्रभाव और उनके उपयोग से सम्बंधित कुछ चेतावनीयाँ भी है, जिनकी जानकारी आपको होना चाहिए। यह विशेष रूप से हरे पपीते, पपीते के बीज, पपीते के पत्ते और पपीन इंजाइम के प्रयोग से संबंधित है।

तो आइये हम भी पपीते के कुछ साइड – इफेक्ट्स के ऊपर नजर डालें, ताकि न केवल हम पपीते के स्वास्थ्य लाभ का सही प्रकार से लें सके।

  • लेटेक्स की उपस्थिति के कारण, पपीता गर्भशय के संकुचन का कारक बन सकता है, जिससे गर्भपात समय से पहलेप प्रसव दर्द शिशु मे असामान्यताए और यहां तक कि बच्चा मरा हुआ भी पैदा हो सकता है।

अतः गर्भावस्था के दौरान सख्ती से पपीते का सेवन नहीं करना चाहिए।

  • स्तान पान करा रही माताओं को भी पपीतेका सेवन डॉक्टर से परामर्श के बाद ही करना चाहिए।
  • यदि उच्च मात्रा में पपीते का सेवन किया जाये तो पपीता मे बीटा कैरोटीन की उपस्थिति त्वचा की मलिनकिरण का कारण हो सकती है, जिसे चिकित्सकीय रूप से कैरोटीनमिया कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें आपकी आँखों तलवा और हथेलियां का रंग पीला हो जाती है, जैसे कि आप पीलिया से ग्रस्त हो।
  • पपीते का अत्यधिक सेवन गुर्दे की पथरी का कारण बन सकता है।
  • बहुत अधिक पपीता खाने से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम में समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिससे कि आपको ब्लोटिंग, पेट दर्द, आदि परेशानियों का सामना करना पड सकता है।
  • जो लोग रक्त पतला करने वाली दवाइयों का सेवन करते हैं उन्हें भी पपीते का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • पपीते का सेवन एक साल से कम उम्र वाले शिशुओं के लिए उपयुक्त नहीं है।
  • दस्त से पीड़ित होने पर पपीते का उपयोग करना चाहिए।
  • वैसे तो पपीते कब्ज का प्राकृतिक उपचार हैं, परंतु यदि सेवन अधिकतम मात्रा में किया जाए तो इसका प्रभाव विपरीत भी पड़ सकता है।
  • पपेन पपीता मे मौजूद एंजाइम एक शाक्तिशाली एलजीन हैं। अतः पपीता के के अत्यधिक सेवन से नाक में कंजेशन घरघराहट फिवर, दमा आदि जैसे विभिन्न श्रसन विकार आपके शरीर को अपना शिकार बना सकते हैं।
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